| पांचवी बार राष्ट्रपति बनने पर सबसे पहले जिनपिंग से मिलने पहुंचे पुतिन, यूक्रेन युद्ध पर की चर्चा – Hindi News | Live News in Hindi

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सौजन्य से सोशल मीडिया

पांचवी बार राष्ट्रपति पद संभालने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी पहली यात्रा पर चीन पहुंचे। इस दौरान बीजिंग में चीन के साथ अपने शिखर सम्मेलन में पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए चीन के प्रस्तावों के लिए शी को धन्यवाद दिया।

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बीजिंग: पांचवी बार राष्ट्रपति पद संभालने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी पहली यात्रा पर चीन पहुंचे। अपनी इस यात्रा से पुतिन ने न केवल विश्व को यह संदेश दिया है कि चीन उसकी प्राथमिकता में है बल्कि ऐसा करके उसने अमेरिका समेत पश्चिमी देशों और भारत को भी परेशानी में डाल दिया है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने गुरुवार को अपने देश की राजकीय यात्रा पर आए पुतिन का एक आधिकारिक समारोह में स्वागत किया।

इस दौरान बीजिंग में चीन के साथ अपने शिखर सम्मेलन में पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए चीन के प्रस्तावों के लिए शी को धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया जिसमें दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों की सराहना की। मुलाकात के दौरान पुतिन और शी ने कहा कि वे युद्ध की समाप्ति चाहते हैं लेकिन उन्होंने अपने सार्वजनिक वक्तव्य में कोई नया प्रस्ताव नहीं दिया। दोनों देशों ने अपने ‘नो लिमिट्स’ समझौते के तहत साझेदारी को भी दोहराया। दोनों ने फरवरी 2022 में ‘नो लिमिट्स’ समझौते का ऐलान किया था।

चीन ने रूस के उस युद्ध दावे का समर्थन भी किया है जिसमें कहा गया है कि रूस को यूक्रेन पर हमला करने के लिए पश्चिमी देशों द्वारा उकसाया गया था हालांकि चीन संघर्ष में तटस्थ रुख अपनाने का दावा करता रहा है। इस दौरान उन्होंने एशिया और प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गठजोड़ की तैनाती की आलोचना भी की।

चीन ने गुरुवार को एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि मॉस्को और बीजिंग को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की व्यवस्था की रक्षा करनी चाहिए और ‘नाजीवाद’ और ‘सैन्यवाद’ के महिमामंडन और यहां तक ​​कि उसे पुनर्जीवित करने के प्रयासों की कड़ी निंदा करनी चाहिए।”

पुतिन की चीन की यह दो दिवसीय राजकीय यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब रूसी सेना उत्तरपूर्वी यूक्रेन के खारकीव क्षेत्र में आक्रामक रुख अपना रही है। साथ ही गाजा संकट के समाधान को लेकर जिनपिंग ने कहा कि वे फिलिस्तीन के स्वतंत्र देश की मांग का समर्थन करते हैं। दोनों देशों के नेताओं ने कहा कि उनके संबंध दुनिया में संतुलन और स्थिरता की भूमिका निभाते हैं।



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