जजपा पार्टी का साल 2019 में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने गठन किया था।
हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (JJP) ने पार्टी के ही बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। जजपा की ओर से नरवाना से विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा और बरवाला से विधायक जोगीराम सिहाग को लीगल नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
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साथ ही विधानसभा की सदस्यता खत्म करने के लिए स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता को लेटर भी लिखा है। जजपा के पार्टी कार्यालय सचिव रणधीर सिंह की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।
इस नोटिस में दोनों विधायकों पर भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांगने का आरोप लगाया गया है। यह भी कहा गया है कि पार्टी के दोनों विधायकों ने भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार के दौरान मंच भी शेयर किया है।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने JJP का साल 2019 में गठन किया था। इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में 10 सीटें जीतने के बाद भाजपा के साथ जजपा ने गठबंधन में सरकार बनाई। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए सीटों को लेकर समझौता नहीं होने के कारण दोनों के बीच गठबंधन टूट गया। इसके बाद पार्टी के 5 विधायक बागी हो चुके हैं।
दोनों विधायकों को जजपा के कार्यालय सचिव रणधीर सिंह की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
नरवाना और हिसार में भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांग रहे वोट
पार्टी के कार्यालय सचिव ने आरोप लगाया है कि राम निवास सुरजाखेड़ा की ओर से नरवाना में भाजपा प्रत्याशियों के लिए मंच शेयर कर वोट मांगे। जोगीराम सिहाग ने हिसार में भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह चौटाला के पक्ष में राजनीतिक मंच शेयर कर लोगों से वोट देने की अपील की।
दोनों विधायकों की एंटी पार्टी एक्टिविटी है, जबकि जहां वह भाजपा के लिए प्रचार कर रहे हैं कि वहां जजपा ने भी अपने प्रत्याशियों को खड़ा किया है। दोनों विधायकों को अपने प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने चाहिए, न कि विपक्षी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील करनी चाहिए।

विधायकों ने लीगल नोटिस का नहीं दिया जवाब
रणधीर सिंह ने बताया कि जजपा की ओर से दोनों विधायकों को एंटी पार्टी एक्टिविटी के लिए 2 से 3 बार लीगल नोटिस दिए गए, लेकिन दोनों का कोई भी जवाब नहीं आया। इसलिए पार्टी की ओर से एंटी डिफेंस लॉ के 10वें एक्ट की धारा 2(1) A की धारा के तहत स्पीकर को लेटर लिखा है। इसमें पार्टी ने दोनों विधायकों की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की मांग की है।
इसके बाद स्पीकर दोनों विधायकों को नोटिस देंगे, अब वह जो भी जवाब देंगे उसके हिसाब से ही स्पीकर कार्रवाई करेंगे।

जजपा के पास प्रचार करने के पूरे सबूत
जजपा पार्टी के कार्यालय सचिव रणधीर सिंह ने बताया कि हमारे पास दोनों विधायकों के भाजपा के पक्ष में किए गए इंटरव्यू हैं। सोशल मीडिया पर किए गए उनके ऐलान के वीडियो फुटेज भी हैं। टीवी पर दिए गए इंटरव्यू भी हमारे पास हैं, अखबार में उनके द्वारा दी गई खबरें भी हैं। इसके साथ ही वह भाजपा प्रत्याशियों के मंच से वोटों की अपील करने वाले वीडियो फुटेज भी हमारे पास हैं। स्पीकर को भेजे गए लेटर में हमने ये सारे प्रूफ के रूप में लगाए हैं।

जजपा विधायकों पर कार्रवाई होने पर विधानसभा की स्थिति क्या होगी…
हरियाणा में 90 विधानसभा सीटें है। लोकसभा चुनाव से पहले करनाल से विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह चौटाला ने अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सदन में 88 विधायक बचे हैं।
अब यदि स्पीकर दोनों जजपा विधायकों की सदस्यता खत्म करने के आदेश देते हैं तो सदन में 86 विधायक बचेंगे। इससे जजपा विधायकों की संख्या 10 में से 8 हो जाएगी। इसके साथ ही सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 43 हो जाएगा।
भाजपा के 40 विधायक हैं। पार्टी के पास 2 निर्दलीय और एक हलोपा विधायक का समर्थन हैं। ऐसे में भाजपा के पास 43 विधायकों का संख्या बल बचा है। जिसके बाद सरकार अभी भी बहुमत में है।
