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Airport News: वर्जिन अटलांटिक की मुंबई आ रही फ्लाइट VS358 की टर्मिश आर्मी के बेस में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है. प्लेन के टायर फटने की वजह से 24 घंटों से पैसेंजर टर्की में फंसे हुए हैं.
बीते 24 घंटे से 250 पैसेंजर टर्किश एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैें.
हाइलाइट्स
- मेडिकल इमजेंसी के चलते टर्किश एयरपोर्ट पर कराई गई लैंडिंग
- लैंडिंग के दौरान फट गए वर्जिन अटलांटिक फ्लाइट के टायर
- पिछले 24 घंटे से टर्किश एयरपोर्ट पर फंसे हैं 250 पैसेंजर्स
Airport News: लंदन से वर्जिन अटलांटिक की फ्लाइट VS358 ने मुंबई की ओर उड़ान भरी थी. अपने सपनों और अपनों से मिलने की आस लिए 260 पैसेंजर्स इस प्लेन में सवार थे. लेकिन, किसी को क्या पता था कि रास्ते में उनके साथ कुछ ऐसा होने वाला है, जिसकी कल्पना उन्होंने कभी सपने में भी नहीं की होगी. मंजिल पर पहुंचने से कुछ घंटे पहले इस प्लेन को अचानक टर्की के दियारबाकिर एयरपोर्ट के लिए डाइवर्ट कर दिया गया.
पैसेंजर्स के लिए पहले यही खबर काफी बड़ी थी कि उनका प्लेन मुस्लिम देश टर्की के दियारबाकिर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करने वाला हैं. चूंकि, लैंडिंग की वजह मेडिकल इमरजेंसी बताई गई थी, लिहाजा चाह कर भी कोई कुछ नहीं कह सकता था. पैसेंजर की जान यह जानकर भी हलक में अटक गई कि जिस दियारबाकिर एयरपोर्ट पर उनका प्लेन लैंड होने वाला है, वह कोई कामर्शियल एयरपोर्ट नहीं, बल्कि टर्किश आर्मी की एयर बेस है.
कुछ मिनटों के बाद प्लेन रनवे के करीब पहुंच चुका था. वहीं, प्लेन ने जैसे ही रनवे से टच किया, पैसेंजर्स को एक तेज झटका लगा. प्लेन किसी गेंद की तरफ रनवे पर कुछ देर तक उछलता रहा. प्लेन में पैदा हुए इन हालात ने हर किसी को दहशत से भर दिया. किसी तरह प्लेन टर्मिनल बिल्डिंग तक पहुंचने में कामयाब रहा. और, इसी के साथ पैसेंजर्स के लिए परेशानियों और दर्द से भरे एक नए सफर की शुरूआत हो गई.
शुरुआत में सभी को यही उम्मीद थी कि यह बस एक छोटा-सा ठहराव है. लेकिन प्लेन से बाहर निकलने के बाद सभी को पता चला कि हार्ड लैंडिंग की वजह से प्लेन के टायर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, लिहाजा अगला प्लेन आने तक सभी पैसेंजर को इसी एयरपोर्ट पर इंतजार करना होगा. बीते 24 घंटे से मुंबई आ रहे 250 पैसेंजर इसी एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं और उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. दियारबाकिर एयरपोर्ट पर हालात बद से बदतर हो गए.
पैसेंजर्स का दावा है कि वहां का एयरपोर्ट स्टाफ न अंग्रेजी समझते थे, न हिंदी. यहां न कोई हमें समझा रहा है, न कोई रास्ता दिखा रहा है. हम भ्रमित और असहाय हैं. छोटे-छोटे बच्चे भूख से बिलख रहे है, बुजुर्गों की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है. पैसेंजर्स एयरपोर्ट की ठंडी फर्श पर रात बिताने को मजबूर हैं. न कोई एयरलाइन रिप्रजेंटेटिव है, न कोई मदद करने वाला. हालांकि इस बीच वर्जिन अटलांटिक ने आश्वासन दिया है कि होटल और दूसरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
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वहीं, इस बाबत वर्जिन अटलांटिक का कहना है कि VS358 फ्लाइट को एक मेडिकल इमरजेंसी के कारण डायवर्ट करना पड़ा. प्लेन के तकनीकी निरीक्षण के बाद उड़ान रद्द कर दी गई. पैसेंजर्स और क्रू की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. हम असुविधा के लिए माफी मांगते हैं.