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PM Modi Mauritius Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. मॉरीशस में 70 फीसदी भारतीय मूल के लोग रहते हैं जो हिंदी और भोजपुरी बोलते हैं. इसीलिए इसे मिन…और पढ़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे.
हाइलाइट्स
- पीएम मोदी 12 मार्च को मॉरीशस दौरे पर जाएंगे
- मॉरीशस में 70 फीसदी भारतीय मूल के लोग रहते हैं
- मॉरीशस में हिंदी और भोजपुरी भाषाएं बोली जाती हैं
PM Modi Mauritius Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने मॉरीशस का दौरा करेंगे. पीएम मोदी 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने इस समारोह के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजा था. पीएम मोदी के न्योता स्वीकार करने के बाद नवीन रामगुलाम ने संसद में खुद इसकी जानकारी दी. बता दें कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पिछले कई सालों से मॉरीशस के साथ अपनी विशेष और स्थायी साझेदारी को मजबूत बनाने में जुटी है. विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मॉरीशस का दौरा कर चुके हैं. भारत के मॉरीशस के साथ घनिष्ठ और दीर्घकालिक संबंध हैं.
कहां पर स्थित है मॉरीशस
मॉरीशस, हिंद महासागर में स्थित एक छोटा सा द्वीपीय देश है. यह अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट से दूर, मेडागास्कर के पूर्व में है. मेडागास्कर तट से मॉरीशस की दूरी लगभग 800 किमी है. यह मस्कारेने द्वीप समूह का हिस्सा है. मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस है. मॉरीशस को 12 मार्च, 1968 को ब्रिटेन से आजादी मिली थी. यहां की आबादी लगभग 12 लाख है. इनमें से लगभग 70 फीसदी आबादी भारतीय मूल की है. यहां पर जिस धर्म के सबसे ज्यादा लोग रहते हैं, वो है हिंदू.
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भोजपुरी और हिंदी का बोलबाला
मॉरीशस की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, जबकि फ्रेंच और क्रियोल भी व्यापक रूप से बोली जाती हैं. इसके अलावा भोजपुरी और हिंदी समेत कई भारतीय भाषाएं यहां बोली जाती हैं. जितने मजदूर मॉरीशस आए, उनमें से अधिकतर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले थे जो भोजपुरी में बात किया करते थे. बस इसी वजह से यहां भोजपुरी एक लोकप्रिय भाषा बन गई. आज भी मॉरीशस में लोग भोजपुरी बोलते समझते हैं. मॉरीशस टाइम्स वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार साल 2011 की जनगणना के अनुसार मॉरीशस की कुल आबादी 12 लाख से ज्यादा थी. इनमें से 5.3 फीसदी लोग भोजपुरी बोलते हैं, जबकि साल 2000 की जनगणना के अनुसार 12.1 फीसदी लोग भोजपुरी बोलते थे. इसके अलावा उर्दू, तमिल और तेलुगु भी यहां बोली जाती हैं.
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क्यों कहा जाता है मिनी भारत
मॉरीशस को मिनी भारत कहने की बड़ी वजह यह है कि यहां भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. दरअसल आजादी से पहले बड़ी संख्या में यूपी और बिहार के लोगों को मजदूरी के लिए यहां लाया गया था. इन्हें गिरमिटिया भी कहते हैं. भाषा और बोली के अलावा यहां बड़ी संख्या में लोग भारतीय परिधान पहने नजर आ जाएंगे, जो परदेस में मिनी भारत होने का अहसास देता है. मॉरीशस के किसी गांव में आपको साड़ी पहनकर झूमर, सोहर, कजरी या रतवाई गाती हुई महिलाएं दिखें, तो आश्चर्यचकित होने की जरूरत नहीं है. ये महिलायें ही हैं, जिन्होंने सात समंदर पार भी भारतीय संस्कारों और परंपराओं को जिंदा रखा है. हर घर के बाहर तुलसी के चौरे पर जलने वाला दिया उन्हें अपने अतीत से जोड़े रखता है.
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5 लाख भारतीय आए मजदूरी के लिए
एक वक्त ऐसा था जब मॉरीशस ब्रिटिश और फ्रेंच कॉलोनी हुआ करता था. 1834 से 1900 की शुरुआत तक करीब 5 लाख भारतीयों को यहां ब्रिटिश द्वारा मजदूरी करने के लिए लाया गया था. इनमें से दो-तिहाई मजदूर यहीं बस गए. इनमें से पहलेाबैच 36 लोगों का था जो दो नवंबर 1834 को मॉरीशस आए थे. वो जिस जहाज से आए थे उसका नाम एटलस था. इस दिन को आज भी मॉरीशस में अप्रवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है. पोर्ट लुइस में है वो अप्रवासी घाट जिसकी सीढ़ियां भारतीय मजदूर मॉरीशस की किस्मत बदलने के लिए उतरे थे. अब यूनेस्को ने उस स्थान को विश्र्व-धरोहर घोषित कर दिया है.
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बिखरा हुआ है प्राकृतिक सौंदर्य
अगर मॉरीशस के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करने के लिए अलांकारिक भाषा का इस्तेमाल किया जाए तो आपको अमेरिकी साहित्यकार मार्क ट्वेन के एक कथन का सहारा लेना होगा. मार्क ट्वेन ने एक बार कहा था कि ईश्र्वर ने पहले मॉरीशस बनाया और फिर उसमें से स्वर्ग की रचना की. मॉरीशस में आपको मार्क ट्वेन के इस बयान की हकीकत समझ में आ जाएगी. हरे-भरे लैंडस्केप, गर्व से माथा उठाये खड़ी पहाड़ियां, पहाड़ियों के बीच की दरारों से टकराती हुई समुद्र की लहरें, सफेद चमकती रेत वाले तट और नीले रंग के पानी वाले समुद्र.
New Delhi,Delhi
February 22, 2025, 12:45 IST
‘मिनी इंडिया’ क्यों है वह देश, जहां जा रहे PM मोदी? भोजपुरी का गजब है कनेक्शन
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