पति को कमरे में किया बंद, फिर कर डाली सारी हदें पार, जज के सामने डटकर खड़ी रही, बोली- हां, मैंने किया है…

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नई दिल्‍ली. हसबैंड और वाइफ के बीच विवाद की खबरें अक्‍सर सामने आती रहती है. शादी के बाद उम्‍मीद की जाती है कि कपल इस खूबसूरत से बंधन को जीवनभर निभाएगा, लेकिन हर मामले में ऐसा हो, ये जरूरी नहीं है. कई बार हसबैंड-वाइफ के रोज-रोज के झगड़े घर को ही नर्क बना देते हैं. जिसके बाद जीवनभर साथ निभाने की कसम खाने वाला पति दफ्तर से घर वापस लौटने से भी डरता है. एक ऐसा ही मामला नाइजीरिया के आयो स्‍टेट में सामने आया, जहां पत्‍नी ने सारी हदों को पार कर दिया. घबराए सहमे पति अंत में कोर्ट का रुख कर न्‍याय की गुहार लगाई.

तलाक मांगने पहुंचे शख्‍स करीम येकिनी ने ओयो राज्य के इबादान में मापो ग्रेड ए कस्टमरी कोर्ट को बताया कि मेरी पत्नी मुझे पीटते वक्‍त सारी हदों को पार कर देती है. मुझे धमकाने के साथ-साथ ब्लैकमेल भी करती है. उसने पत्नी ओपेमी से बचाने की अपील करते हुए तलाक की गुहार लगाई. शख्‍स ने कहा कि इस पत्‍नी ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी है. येकिनी ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ने उनपर जादू कर दिया, जिससे उन्हें ढेरो परेशानियां झेलनी पड़ीं और साथ ही उन्हें जीवनभर बदनाम करने के लिए ब्लैकमेल करना जारी रखने का वादा किया.

मुझे कमरे में बंद कर दिया…
येकिनी ने कोर्ट को बताया, “एक दिन पत्‍नी ने मुझे एक कमरे में बंद कर दिया, जिससे मैं अपने दैनिक काम पर नहीं जा पाया. उसने मेरी कार की चाबियां भी जब्त कर लीं और अमोटेकुन कॉर्प्स (दक्षिण-पश्चिम में सुरक्षा नेटवर्क) को बिना किसी कारण के मेरे साथ सौदा करने के लिए आमंत्रित किया,” उन्होंने अदालत को आगे बताया कि पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों ने कभी भी बीच-बचाव करने का प्रयास नहीं किया “क्योंकि वो मेरी पत्‍नी से डरते हैं.”

कोर्ट के सामने पत्‍नी ने माना अपराध
इसके बाद जज ने पत्‍नी ओपेमी को अपनी बात रखने के लिए बुलाया. वो कोर्ट के सामने डटकर खड़ी रही और किसी भी आरोप से इनकार नहीं किया. पत्‍नी ने कोर्ट को बस इतना कहा कि शांति से ये सब निपटवा दो. यह सच है कि मैं बिना किसी मतलब के अपने पति से लड़ रही हूं. अदालत में आने का फैसला करने से पहले मैंने पति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन उसने मेरी दया की दलीलों को सुनने से इनकार कर दिया. ओपेमी ने कहा, “अगर वह अपना रुख बनाए रखता है, तो मैं प्रार्थना करती हूं कि अदालत मुझे हमारे बीच के एकमात्र बच्चे की कस्टडी दे.” इसके बाद अदालत ने कहा कि दोनों के बीच शादी विधिवत रूप से संपन्न नहीं हुआ था और इसलिए ये अवैध थी. बच्‍चे की कस्‍टडी मां को सौंप दी गई. पति को 10, 000 महिना भत्ता देने का आदेश दिया गया.

Tags: Husband Wife Dispute, International news, World news

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