दशकों तक अमेरिका ने पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ, मगर हो गया सब खाक, रक्षा मंत्री ने राष्ट्रपति को कर लिया कैद

[ad_1]

South Korea Crisis: जिस देश को अमेरिका ने साल दर साल लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया, वह आज ऐसे हालात में है कि खुद इसके राष्ट्रपति पर तमाम प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं और उन्हें कभी भी हिरासत में लिया जा सकता है. देश में चल रही राजनीतिक उठा पटक के बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल (Yoon Suk Yeol) की विदेश यात्रा पर रक्षा मंत्री किम योन ह्यूंग (Kim Yong-hyun) ने बैन लगा दिया है.

बता दें कि पिछले हफ्ते ही यून सुक योल ने साउथ कोरिया में देश में इमर्जेंसी में मार्शल लॉ की घोषणा कर दी थी हालांकि इसे बाद में पलट दिया गया. यून ने शनिवार को मार्शल लॉ लगाने पर जनता से माफी भी मांगी थी. उधर अमेरिका ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून के मार्शल लॉ हटाने के फैसले का स्वागत किया था. हालांकि नेशनल असेंबली ने सर्वसम्मति से इसे खारिज कर दिया था. अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी बयान कर कानून के शासन के अनुसार हल करने के महत्व पर जोर दिया था.

अब क्या रुख रहेगा अमेरिका का, देखना बाकी…
दक्षिण कोरिया वर्तमान में दुनिया के सबसे अधिक अमेरिकी समर्थक देशों में से एक है और कुछ साल पहले हुए सर्वे में 77 फीसदी से अधिक कोरियाई लोगों ने अमेरिका को लेकर अपनी बेहद स्ट्रॉन्ग और पॉजिटिव रुख जाहिर किया था. वैसे इन प्रतिबंधों के बाद भी मिनिस्ट्री ने कहा है कि यून अभी भी कानूनी रूप से कमांडर इन चीफ हैं. यून के खिलाफ प्रस्तावित महाभियोग असफल गया था क्योंकि मार्शल लॉ की घोषणा के बाद यून के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए विपक्ष को 200 वोटों की जरूरत थी.

साउथ कोरिया के न्याय मंत्रालय के एक ऑफिसर ने संसद में बताया कि एंटी करप्शन एजेंसी की शिकायत के बाद प्रेसीडेंट यून के देश से बाहर जाने पर रोक लगाया गया है. जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि पुलिस यून को हिरासत में भी ले सकती है.

FIRST PUBLISHED : December 10, 2024, 08:22 IST

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *