[ad_1]
टोरंटो. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि अमेरिकी धरती पर एक सिख अलगाववादी को मारने की साजिश में एक भारतीय नागरिक को दोषी ठहराए जाने के बाद नई दिल्ली के साथ ओटावा के संबंधों में भारी बदलाव आया है. ट्रूडो ने सीबीसी न्यूज चैनल को एक साल के अंत में दिए साक्षात्कार में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिकी अभियोग ने नरेंद्र मोदी सरकार को अधिक शांत रुख अपनाने के लिए राजी कर लिया है. कनाडाई पीएम ने कहा, “मुझे लगता है कि एक समझ की शुरुआत हुई है कि वे इसके जरिए अपना रास्ता नहीं बदल सकते और इस तरह से सहयोग करने के लिए एक खुलापन है कि शायद वे पहले कम खुले थे.”
उन्होंने कहा, “ऐसी समझ है कि शायद कनाडा के ख़िलाफ़ लगातार हमले से यह समस्या दूर नहीं होने वाली.” प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर में कहा गया था कि कनाडा में खालिस्तान नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता के संभावित संबंध के विश्वसनीय आरोप हैं, जिसके कुछ घंटों बाद भारत ने ट्रूडो के दावों को “बेतुका और प्रेरित” कहकर खारिज कर दिया था. ट्रूडो ने सीबीसी को बताया कि निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा अभी भारत के साथ लड़ाई की स्थिति में नहीं रहना चाहता और इसके बजाय व्यापार समझौते और इंडो-पैसिफिक रणनीति को आगे बढ़ाने पर काम करना चाहता है.
कनाडा के लिए लोगों के अधिकारों, लोगों की सुरक्षा…
हालांकि, उन्होंने कहा कि “कनाडा के लिए लोगों के अधिकारों, लोगों की सुरक्षा और कानून के शासन के लिए खड़ा होना मूलभूत बात है. और यही हम करने जा रहे हैं”. जबकि नई दिल्ली ने अमेरिकी सरकार द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं पर गौर करने के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, इसने ओटावा से ट्रूडो के आरोपों के समर्थन में “ठोस सबूत” दिखाने के लिए कहा है.
कुछ घटनाएं भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को पटरी से नहीं उतार सकतीं
भारत ने कहा कि वह केवल विशिष्ट और प्रासंगिक जानकारी मांग रहा है, ताकि कनाडाई जांचकर्ताओं को उनके निष्कर्ष तक पहुंचने में मदद मिल सके. अमेरिकी आरोपों पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फाइनेंशियल टाइम्स अखबार से कहा कि इस मुद्दे की जांच की जाएगी, लेकिन कुछ घटनाएं भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को पटरी से नहीं उतार सकतीं.
हमारी प्रतिबद्धता कानून के शासन के प्रति है
पीएम मोदी ने कहा, “अगर कोई हमें जानकारी देता है, तो हम निश्चित रूप से उस पर गौर करेंगे. अगर हमारे किसी नागरिक ने कुछ भी किया है, अच्छा या बुरा, तो हम उस पर गौर करने के लिए तैयार हैं. हमारी प्रतिबद्धता कानून के शासन के प्रति है.” अमेरिका द्वारा निखिल गुप्ता पर गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश का आरोप लगाने के कुछ घंटों बाद ट्रूडो ने कहा कि नई दिल्ली को आरोप को “गंभीरता से” लेने और जांच में सहयोग करने की जरूरत है.
कनाडा ने भारत विरोधी चरमपंथियों और हिंसा को जगह दी
ट्रूडो की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, “जहां तक कनाडा का सवाल है, उन्होंने लगातार भारत विरोधी चरमपंथियों और हिंसा को जगह दी है. यही मुद्दे के मूल में है.” पिछले सप्ताह कैनेडियन प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में ट्रूडो ने कहा था कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों को जोड़ने वाले उनके बयान का उद्देश्य भारत को देश में इसी तरह की कार्रवाई को दोहराने से रोकना था. उन्होंने कहा कि संदेश का उद्देश्य अतिरिक्त ‘निरोध के स्तर’ के रूप में था, क्योंकि “बहुत से कनाडाई चिंतित थे कि वे असुरक्षित थे”.
.
Tags: America, Canada News, India, Justin Trudeau, Khalistani Terrorists
FIRST PUBLISHED : December 20, 2023, 23:56 IST
[ad_2]
Source link
